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Shayari (शायरी)

ख़ामोशी भी एक गुफ़्तगू है — गहरा हिंदी शेर

ख़ामोशी भी एक गुफ़्तगू है, समझने वाला चाहिए, हर बात लफ़्ज़ों में बयां हो, ये ज़रूरी तो नहीं। आँखों से पढ़ ले जो दिल का फ़साना सारा, इस भरे शहर में ऐसा कोई हमनफ़स तो नहीं।
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Reflection & Context

एक दिलकश शायरी जो खामोशी की ज़ुबान और अनकहे एहसासों की गहराई को खूबसूरती से बयां करती है।

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