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Life & Zindagi (ज़िंदगी)

ज़िन्दगी और मुनासिब वक़्त — जीवन की गहरी नज़्म

ज़िन्दगी जीने के लिए मिली थी, हमने तो बस मुनासिब वक़्त का इंतज़ार किया। और जब वक़्त मुनासिब हुआ, तो पता चला कि मौसम ही गुज़र चुका था।
— PoetryKitaab Editorial 1 min read
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Reflection & Context

एक मार्मिक नज़्म जो हमें याद दिलाती है कि ज़िंदगी इंतज़ार करने का नाम नहीं, बल्कि हर लम्हे को जीने का हुनर है।

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