अनकहा प्यार
#love
Published on Apr 17, 2026 • PoetryKitaab Archive
ख़ामोशी भी एक गुफ़्तगू है, समझने वाला चाहिए, हर बात लफ़्ज़ों में बयां हो, ये ज़रूरी तो नहीं। आँखों से पढ़ ले जो दिल का फ़साना सारा, इस भरे शहर में ऐसा कोई हमनफ़स तो नहीं।
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