सब्र का फल
Published on Sep 30, 2026 • PoetryKitaab Archive
Stanza Text
वक़्त के साथ हर गहरा ज़ख़्म भर जाता है, आँखों में आँसू हों फिर भी होंठों से मुस्कुराना।
Published on Sep 30, 2026 • PoetryKitaab Archive
वक़्त के साथ हर गहरा ज़ख़्म भर जाता है, आँखों में आँसू हों फिर भी होंठों से मुस्कुराना।