गिर कर संभलने वाला
Published on Sep 29, 2026 • PoetryKitaab Archive
Stanza Text
गिर कर संभलने वाला ही सिकंदर बनता है, मेहनत की स्याही से लिखी तक़दीर कभी मिटती नहीं।
Published on Sep 29, 2026 • PoetryKitaab Archive
गिर कर संभलने वाला ही सिकंदर बनता है, मेहनत की स्याही से लिखी तक़दीर कभी मिटती नहीं।